घर के सामने बेहोश मिली ठेकेदार की अपहृत बेटी:रात में घर से अगवा कर ले गए थे अपराधी, सुबह ट्रैक्टर के डाला पर बेहोश पड़ी मिली; बिस्तर, तकिया और हेडफोन भी मिला

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मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र स्थित शेरपुर गांव से बुधवार रात करीब 8 बजे अगवा हुई ठेकेदार की गुरुवार की सुबह रहस्मयी तरीके से मिल गयी। आज सुबह करीब 10 बजे वह अपने घर के सामने लगे ट्रैक्टर के डाला (पिछला हिस्सा) में अचेत हालत में पाई गई। उसे देखते ही गांव में हडकंप मच गया। उसे उठाकर घर मे ले जाया गया। पानी का छींटा मारकर उसे होश में लाया गया। उससे घटना के संबंध में पूछताछ की गई। पर वह बोलने की हालत में नहीं थी। बार-बार अपनी आंखें बंद कर के रही थी।

घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस।
घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस।

ठेकेदार चन्दन तिवारी की बेटी पल्लवी (12) के मिलने की सूचना मिलते ही सदर थानेदार सत्येन्द्र मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने ठेकेदार से बेटी के मिलने की पूरी जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मीडिया को बताया की किशोरी के मेडिकल जांच कराया जाएगा। इसके बाद कोर्ट में बयान दर्ज होगा। उसने अभी कोई बयान नहीं दिया है की कौन उसे अगवा कर ले गया था और फिर वह ट्रैक्टर में कैसे पहुंची। थानेदार ने कहा की डॉक्टर उसका इलाज़ कर उसे पूरी तरह होश में लाने में जुटे हैं। बयान देने के बाद ही घटना की गुत्थी सुलझेगी।

हेडफोन और बिस्तर कहाँ से आया?
पुलिस ने जब ट्रैक्टर का डाला पर जाकर जांच की तो वहां से एक हेडफोन, बिस्तर और तकिया बरामद हुआ। घरवालों से पूछा गया की ये किसका तो उनलोगों ने अनभिज्ञता जताई। थानेदार ने इसे साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया है। अब सबसे बड़ा सवाल है की आखिर अपहरणकर्ता अगर उसे छोड़कर गए होंगे तो तकिया-बिस्तर क्यों दिया। अगर हेडफोन दिया तो मोबाइल कहाँ है। इस बिंदु पर जांच के लिए सर्विलांस की टीम से सम्पर्क किया गया है।

पूरी रात दरवाजे पर बैठे थे परिजन
पल्लवी की मां संगीता ने बताया की बेटी के अगवा होने के बाद पूरी रात वे लोग सो नहीं पाएं। रातभर दरवाजे पर बैठे हुए थे। लेकिन, किसी को उनकी बेटी को वहां रखते हुए नहीं देखा। अचानक से सुबह में लोगों की नज़र उसपर पड़ी। वो भी तब जब उसे हल्का होश आया और उसने अपनी मां को पुकारा था। इसके बाद अचेत हो गयी। तब वे लोग उसे ट्रैक्टर पर से उठाकर घर ले गए।
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पांच लाख मांगी थी फिरौती
बुधवार रात पल्लवी दरवाजे पर खेल रही थी। तभी बाइक से तीन अपराधी आये और उसे उठाकर बाइक ओर बैठा लिया। उसकी चचेरी बहन को अंग्रेज़ी में लिखा एक लेटर दिया और दरवाजे पर बैठे पल्लवी के दादा प्रमोद तिवारी को देने को कहा। इसके बाद पल्लवी को लेकर भाग निकले। लेटर में पांच लाख फिरौती मांगी गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस छानबीन में जुटी थी। इसी बीच उसके मिलने की सूचना मिली।

दिघरा में गत साल रची थी डकैती और अपहरण की कहानी
बता दें की सदर थाना क्षेत्र के दीघरा में गत साल एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के अपहरण और घर मे डकैती की झूठी कहानी पुलिस को बताक़र गुमराह किया था। डकैती और लड़की के अपहरण की बात सुनकर लोग काफी आक्रोशित हुए थे। सड़क जाम कर खूब बवाल किया था। पुलिस ने लड़की को दिल्ली से बरामद किया। उसने बताया की वह प्रेम प्रसंग में अपने ब्यॉयफ्रेंड के साथ भागी थी। उसके ब्यॉयफ्रेंड को भी गिरफ्तार किया गया था। तब पता लगा की पिता ने ही बदनामी के डर से बेटी के अपहरण और डकैती की झूठी कहानी रची थी।