दैनिक भास्कर और डीयू के एग्जिट पोल ने बनाया बिहार में एनडीए की सरकार, बाकी सभी ने कहा तेजस्वी बनेंगे मुख्यमंत्री।

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बिहार विधानसभा चुनाव में तीसरे चरण की वोटिंग संपन्न होने के बाद अब सभी की निगाहें चुनाव नतीजों पर है। 10 नवंबर को मतगणना के बाद फाइनल नतीजे सामने आएंगे। नतीजों से पहले बिहार चुनाव में इस बार किसकी सरकार बन सकती है इसको लेकर अलग-अलग एजेंसियां और चैनल्स एग्जिट पोल लेकर आए। अब तक सामने आए सभी Exit Polls में बिहार की जनता को लालू के लाल तेजस्वी यादव की ‘लालटेन’ पसंद आई है। जनता ने इस बार सुशासन बाबू नीतीश के विकास को नकारते हुए तेजस्वी के रोजगार पर EVM का बटन दबाया है। लेकिन एक एग्जिट पोल ऐसा है जो बिहार में एनडीए की सरकार बनवा रहा है।

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एग्जिट पोल को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि बिहार में किसी भी पार्टी की सरकार बन सकती है और सरकार बनाने के लिए काफी उठा-पटक देखने को मिल सकती है। बिहार में विधानसभा की 243 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 122 सीटों का है। एग्जिट पोल के मुताबिक एनडीए और महागठबंधन दोनों ही बहुमत के आंकड़े के नजदीक दिखाई दे रहे हैं। ऐसे मे कई छोटे दल अहम हो सकते हैं।

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लंदन से आई पुष्पम प्रिया चौधरी का शायद ही खुले खाता-

एग्जिट पोल के अनुसार पुष्पम प्रिया चौधरी की द प्लुरल्स पार्टी का शायद खाता भी नही खुल पायेगा, बिहार दस्तक के सर्वे के अनुसार संभवतः पार्टी को 1 सीट बिस्फी की मिल सकती हैं जहां से खुद पुष्पम प्रिया चौधरी ने चुनाव लड़ा हैं। परंतु इस बिहार विधानसभा चुनाव में द प्लुरल्स पार्टी की बड़ी भूमिका रही है। रोजगार, शिक्षा, विकास जैसे कई मुद्दों पर चुनाव लड़ने वाली इस पार्टी के आधार पर कई पार्टीयों ने रोजगार को प्रमुख मुद्दा बनाया। वही द प्लुरल्स पार्टी कई विधानसभा क्षेत्र में समीकरण बिगाड़ने का काम कर चूकी हैं। समीकरणों के आधार पर किए गए सर्वे से या ज्ञात हैं कि द प्लुरल्स पार्टी ने महागठबंधन के मतदाताओं को बहुत कम प्रभावित किया वही एनडीए के मतदाता बड़ी संख्या में पुष्पम प्रिया के पक्ष में दिखे।adv cure

आने वाले समय में इस पार्टी को अब हल्के में लेना अन्य पार्टीयों के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता हैं।