पशु को बीमार अवस्था में मालिक ने घर से निकाला, मेनका गांधी के हस्तक्षेप के बाद मालिक पर FIR दर्ज।

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मुजफ्फरपुर : नगर के मालीघाट के निवासी राजकुमार ने अपने बीमार कुत्ते को लाचार और बीमार अवस्था में घर से निकाल दिया। कल तक जिस कुत्ते को सुबह मॉर्निंग वॉक में साथ ले कर घूमते हुए मोहल्ले में राजकुमार अपना सोशल स्टेटस दिखाते हुए गर्व महसूस करते थे, उसी कुत्ते के बीमार हो जाने के बाद राजकुमार और उनके परिवार वालों ने कुत्ते को घर से निकाल दिया। परंतु बहुत प्यारे से दिखने वाले इस कुत्ते की ऐसी हालत को देख मोहल्ले के कुछ लड़कों को काफी तकलीफ पहुंची, जिसके बाद मोहल्ले के लड़कों ने किसी मधायम से जानकारी हासिल कर कुत्ते की मदद हेतु “आवाज – बेजुबान की” संगठन से संपर्क किया।
जिसके बाद संगठन के सदस्य ने जा कर कुत्ते की प्राथमिक उपचार शुरू की, जांच पड़ताल में पता चला की बीमार हो जाने के बाद इस कुत्ते की बुरी तरह पिटाई की गयी हैं जिस कारण कुत्ते की एक आँख फुट गयी हैं।

संगठन के सदस्यों ने इस कुत्ते के मालिक राजकुमार का पता लगाया और उन तक पहुँच कर कुत्ते के इलाज़ हेतु निवेदन किया। पर राजकुमार ने संगठन के लड़कों के साथ बदसलूकी करते हुए कहा की “यह कुत्ता मेरा निजी संपत्ति हैं, मैं इसके साथ जैसा सलूक करना चाहूँ वैसा करूँ। मैं चाहूँ तो इसे जिंदा रखूँ, मैं चाहूँ तो मार दूँ। संगठन के सदस्यों ने राजकुमार को काफी समझाना चाहा परंतु उनके द्वारा लगातार बदसूलूकी की गयी। हार थक कर संगठन के सदस्यों ने कुत्ते को स्वयं नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल ले गए जहां डॉ. घनश्याम कुमार ने कुत्ते की जांच-पड़ताल एवं इलाज शुरू की। जांच के बाद डॉक्टर ने बताया की कुत्ते की यह हालत काफी पुरानी है यानि की कुत्ते के मालिक ने शुरू से ही कुत्ते के साथ बदसलूकी की हैं।

पशु की मदद हेतु मेनका गांधी को किया मेल, पशु मालिक पर कारवाई की हुई पहल।

इस पूरी घटना के बाद “आवाज – बेजुबान की” संगठन के द्वारा पशु कल्याण समाजसेवी एवं सांसद मेनका गांधी को मेल किया गया जिसके बाद उसके सहायक मीनक्षी अवस्थी के द्वारा संगठन के सदस्यो को कॉल कर इस पूरे मामले की जानकारी ली गयी। एवं संगठन के द्वारा पशु मालिक राजकुमार पर एफ़आईआर करने की सुझाव दी।

एसएसपी जयंतकान्त से हुई मेनका गांधी की बात फिर हुई एफ़आईआर दर्ज।
इसके बाद संगठन के सदस्यों के द्वारा नजदीकी मिठनपुरा थाना ने शिकायत दर्ज कराई गयी, परंतु थानाप्रभारी के मौजूद नहीं रहने की वजह से एफ़आईआर दर्ज नही की गयी, वहीं लगातार कई घंटों तक प्रयास के बावजूद थाने से कोई कारवाई नहीं हुई। परंतु स्वयं मेनका गांधी ने कॉल कर “आवाज – बेजुबान की” संगठन के सदस्यों ने बातचीत कर मामले की जानकारी हासिल की, जब उन्हे ज्ञात हुआ की थाना के द्वारा अब तक एफ़आईआर दर्ज नहीं हुई हैं तो मेनका गांधी ने तुरंत जिले के एसएसपी जयंतकान्त से बात की और कुछ देर के बाद पशु के मालिक राजकुमार पर एफ़आईआर दर्ज हो गयी। इस केस राजकुमार के ऊपर IPC 429 एवं PCA एक्ट 1960 सेक्शन 11 के तहत FIR दर्ज कराई गयी।

आवाज – बेजुबान की” संगठन करती हैं पशुयों की मदद
“आवाज – बेजुबान की” संगठन द्वारा मुजफ्फरपुर सहित राज्य के अनेकों जिलों के पशु-पक्षियों के लिए यथासंभव मदद पहुंचाई जाती हैं। संगठन हर तरह के पशुयों के लिए खाना-पीना आदि हर तरह की यथासंभव मदद पचुंचाई जाती हैं।